A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव

कोरोना के बीच परिवार नियोजन की नहीं होगी अनदेखी, जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा की होगी शुरुआत

• 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन 

• ‘‘आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी’’ होगी इस वर्ष की थीम 

• क्रूड बर्थ रेट एवं सेक्स रेशियो में आयी कमी 


  भागलपुर

कोरोना संक्रमण काल में परिवार नियोजन सेवाओं को नियमित करने की कोशिश की जा रही है। प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। ‘‘आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी’’ इस वर्ष के विश्व जनसंख्या दिवस का थीम बनाया गया है।
यद्यपि देश कोरोना संक्रमण के बीच में हैं, लेकिन प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं का प्रावधान न सिर्फ़ अनचाहे गर्भधारण को रोकने के लिए बल्कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य कल्याण में भी महत्व रखता है। इसलिए विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर इस प्रतिकूल परिदृश्य में कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार श्री मनोज कुमार ने सभी जिला पदाधिकारी, चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के निदेशक/ अधीकक्षक एवं सभी जिलों के सिविल सर्जन को 11 जुलाई से 31 जुलाई तक विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा आयोजित करने का निर्देश दिया है।
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में परामर्श के साथ मिलेगी परिवार नियोजन की सुविधा: जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा अंतर्गत 11 जुलाई से 31 जुलाई तक Service Delivery की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान गर्भनिरोधक के बास्केट ऑफ चॉइस पर इच्छुक दंपत्तियों को परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र स्थापित करते हुए परिवार कल्याण परामर्शी, दक्ष स्टाफ नर्स/ एएनएम द्वारा परामर्श दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ओपीडी, एएनसी सेवा केंद्र, प्रसव कक्ष एवं टीकाकरण केंद्र पर भी कॉन्ट्रासेप्टिव डिस्प्ले ट्रे एवं प्रचार प्रसार सामग्रियों के माध्यम से परामर्शित करते हुए इच्छुक लाभार्थी को परिवार नियोजन सेवा प्राप्त करने में सहयोग देने की बात भी कही गयी है। परिवार नियोजन परामर्श केंद्र पूरे पखवाड़े के दौरान एवं आगे भी अस्थायी रूप से कार्य करेगा। इस दौरान मांग एवं खपत के अनुसार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक मात्रा में गर्भनिरोधक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी एवं कंटेंटमेंट जोन के बाहर क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए गर्भनिरोधक का वितरण किया जाएगा। 
क्रूड बर्थ रेट एवं सेक्स रेशियो में आयी कमी: अभी हाल में ही सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे की रिपोर्ट आई है जिसमें बिहार में क्रूड बर्थ रेट एवं सेक्स रेशियो एट बर्थ में कमी दिखी है। वर्ष 2017 में क्रूड बर्थ रेट 26.4 थी, जो वर्ष 2018 में घटकर 26.2 हो गयी। वहीं वर्ष 2017 में सेक्स रेशियो एट बर्थ 900 थी, जो वर्ष 2018 में घटकर 895 हो गयी।
3 लाख से अधिक महिलाओं ने अपनाया साधन: स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष की अप्रैल 2019 माह से लेकर मार्च 2020 तक राज्य में 7.95 लाख से अधिक महिलाओं ने अंतरा और छाया जैसे नवीन गर्भनिरोधक साधन को अपनाया, जिसमें 3.5 लाख महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन एवं 4.4 लाख महिलाओं ने छाया गर्भ-निरोधक गोली का इस्तेमाल किया है। अंतरा इंजेक्शन के तहत कुल चार डोज़ एक साल में दिये जाने का प्रावधान है, जिसमें 169041 महिलाओं ने अंतरा का पहला डोज़, 93562 महिलाओं ने दूसरा डोज़, 54060 महिलाओं ने तीसरा एवं 33606 महिलाओं ने चौथा डोज़ लिया। आम लोगों को अंतरा एवं छाया के संबंध में जागरूक करने के लिए आशा एवं एएनएम स्थानीय स्तर पर सराहनीय कार्य कर रही हैं। 
अंतरा एवं छाया से मिशन परिवार विकास के लक्ष्यों में आसानी: सैंपल रेजिस्ट्रेसन सर्वे-2019 के आंकड़ो के अनुसार बिहार की कुल प्रजनन दर 3.2 है। जिसका अर्थ है बिहार में एक महिला अपने प्रजनन काल में 3.2 बच्चों को जन्म देती है। मिशन परिवार विकास के तहत वर्ष 2025 तक बिहार के प्रजनन दर को 2.2 तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें नवीन गर्भ-निरोधक साधन अंतरा एवं छाया के इस्तेमाल पर विशेष बल भी दिया जा रहा है।

रिपोर्टर

  • Premier World (Admin)
    Premier World (Admin)

    The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News

    Premier World (Admin)

संबंधित पोस्ट